कमजोर पड़ रही ‘आप’ की लहर

आम आदमी पार्टी के संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपनी सरकार बचाने की फिक्र नहीं है। उनका कहना है कि वे सरकार बचाने की राजनीति नहीं करते। केजरीवाल का यह दो-टूक बयान इस बात का संकेत है कि वे यह मानकर चल रहे हैं कि उनकी सरकार 6 माह से ज्यादा नहीं चल सकती। दरअसल सरकार की उम्र की अनिश्चितता तो उसी दिन तय हो गयी थी जिस दिन उन्होंने अल्पसंख्यक सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली थी। दिल्ली में सरकार बनाने के पीछे उनकी मंशा अपनी पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में उल्लेखित कुछ मुद्दों पर फैसले लेने, उन्हें लागू करने तथा पार्टी को राजनीतिक ताकत देने की थी। लेकिन सिलसिला शुरू होता इसके पूर्व ही पार्टी राजनीति के चक्रव्यूह में फंस गई। विदेशी महिलाओं के मामले में उनके कानून मंत्री सोमनाथ भारती का कानून के घेरे में आना, उनकी बर्खास्तगी की मांग पर भाजपा का धरना और अपनी ही पार्टी के विधायक विनोद कुमार बिन्नी को बाहर का रास्ता दिखाना, नई मुसीबतें खड़ी कर रहा है। पार्टी की किरकिरी तब और अधिक हुई जब सोमनाथ भारती से बदसलूकी करने वाले पुलिस अधिकारियों के तबादले की मांग को लेकर केजरीवाल के...