जोगी के बिना कांग्रेस ? कमजोर या मजबूत

-दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ कांग्रेस क्या अपने दूसरे विभाजन की ओर बढ़ रही है। दिसंबर 2015 के अंतिम सप्ताह में अंतागढ़ उपचुनाव सीड़ी कांड के जाहिर होने के बाद जोगी परिवार पर पार्टी अनुशासन का कहर टूट पड़ा है। मरवाही से निर्वाचित अमित जोगी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के लिए भी पार्टी हाईकमान से ऐसी ही सिफारिश की गई है। अजीत जोगी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी में है लिहाजा उन पर फैसले का अधिकार प्रदेश कमेटी को नहीं है अलबत्ता वह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव जरुर पारित कर सकती है। 6 जनवरी 2016 को प्रदेश कार्यालय में कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें भी 6 वर्ष के लिए पार्टी से बाहर करने का निर्णय लिया गया। अब गेंद पार्टी हाईकमान के पाले में है। केंद्रीय अनुशासन समिति चाहे तो प्रदेश कमेटी के फैसलों को रद्द कर सकती है या अमित जोगी के निष्कासन पर मुहर लगाते हुए अजीत जोगी के खिलाफ कार्रवाई नामंजूर कर सकती है या स्थगित रख सकती है। जोगी पिता-पुत्र की आस अब मूलत: पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उपाध...