बदलने को तैयार कांग्रेस ?

- -दिवाकर मुक्तिबोध इन दिनों छत्तीसगढ़ प्रदेश कांगे्रस में पुनर्गठन का दौरा शुरू है। प्रदेश से लेकर जिले और ब्लॉक स्तर की तमाम इकाइयां भंग कर दी गई तथा नए पदाधिकारियों के चयन के लिए विचार-विमर्श का सिलसिला चला हुआ है ताकि कमेटियों के लिए योग्य पदाधिकारियों का चयन किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया में काफी वक्त लगना तय है। ब्लॉक, जिला एवं प्रदेश की नई कमेटियों की शक्ल कैसी होगी, चेहरे सामने आने के बाद ही पता चल सकेगा। लेकिन विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद नए सिरे से कमेटियों के गठन की कवायद बेहतर है बशर्ते गुटीय संतुलन को कायम रखते हुए ऐसे चेहरे तलाशें जाएं जिनके लिए पार्टी सर्वोपरि है, व्यक्ति नहीं। ऐसा हो पाएगा, संशय है क्योंकि नए राज्य के रूप छत्तीसगढ़ के गठन के बाद से ही पार्टी बेइंतिहा गुटीय द्वंद की शिकार है और यही द्वंद विभिन्न चुनावों में पार्टी की पराजय के रूप में सामने आता रहा है। दिसम्बर 2013 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय किसी सदमें से कम नहीं थी। हार इस मायने में आश्चर्यजनक रही कि उसे सत्ता में लौटने का पूरा भरोसा था लेकि...