अब न इस्तीफा होगा और न ही विभाग बदलेगा....
दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ निकाय चुनावों में कांग्रेस को यकीनन अप्रत्याशित सफलता मिली लेकिन यदि किसी बड़े उलटफेर की बात की जाए तो वह बिलासपुर को लेकर है। बिलासपुर नसबंदी कांड एवं स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अन्य बहुचर्चित प्रकरणों के कारण पूरे प्रदेश की आंखों की किरकिरी बने स्वास्थ्य मंत्री अग्रवाल ने चुनाव में करिश्मा कर दिखाया। वे बिलासपुर नगर निगम चुनाव के संचालक थे। यह आशंका थी कि नसबंदी प्रकरण की वजह से पार्टी कम से कम संस्कारधानी में जबर्दस्त घाटे में रहेगी किन्तु ठीक उलट हुआ। भाजपा ने न केवल महापौर का चुनाव जीता वरन निगम में भी बहुत स्थापित किया। इस एक वजह से अमर अग्रवाल को नई संजीवनी मिल गई। अब नसबंदी सहित तमाम प्रकरणों का चाहे जो हश्र हो, उनसे न तो इस्तीफा मांगा जाएगा और न ही विभाग बदलेगा। रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगर निकाय चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे। अंतरकलह और गुटीय राजनीति में बुरी तरह उलझी कांग्रेस सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी का जोरदार मुकाबला करेगी तथा नगर पंचायतों में अपना परचम लहराएगी, ऐसी उम्मीद राजनीतिक विश्लेषकों को भी नहीं थी लेकिन इन चुनावों में क...