प्रेरक भूमिका में मुख्यमंत्री

संजयनगर (टिकरापारा) शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल में बच्चों के बीच कभी शिक्षक की तरह तो कभी उनके अभिभावकों की भूमिका में नजर आए मुख्यमंत्री. -दिवाकर मुक्तिबोध छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की नौकरशाही पर पकड़ भले ही ढीली हो पर इसमें दो राय नही कि राजनीति की तंग गलियों से गुजरने के बावजूद संवेदनशीलता एवं सामाजिक दायित्व के मामले में वे अद्वितीय हंै। उन्हें स्कूली बच्चों को पढ़ाते हुए देखना-सुनना बहुत सुखद है। देश में शायद ही ऐसा कोई मुख्यमंत्री होगा जो अपने व्यस्ततम समय में से कुछ पल, कुछ घंटे स्कूली बच्चों के बीच बिताता हो, उन्हें पढ़ाता हो, उन्हें सीखाता हो, उनकी सुनता हो तथा उनकी जिज्ञासाओं का शमन करता हो और उनकी पीठ थपथपाता हो। रमन सिंह ऐसा करते हैं। यकीन ऐसा करना उनके सरकारी कामकाज का हिस्सा नही है, पर शिक्षा के प्रति उनका प्रेम तथा उनकी सामाजिकता उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करती है। इसके पीछे राज्य में खूली शिक्षा की दयनीय हालत भी एक प्रमुख कारण है। लेकिन कोई मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान अचानक किसी सरकारी स्कूल की ओर रुख करें तो अचंभा स्वाभा...