‘आप’ की अग्निपरीक्षा शुरू

सामाजिक कार्यकर्ता से राजनीतिक बने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अग्निपरीक्षा शुरू हो गई है। चूंकि वे सिर्फ दिल्ली ही नहीं देश की जनता की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं लिहाजा वे तलवार की धार पर हैं। अब दिल्ली की राजनीति में घटित होने वाली छोटी से छोटी घटनाओं पर भी देश की निगाहें रहेंगी तथा सवाल उठते रहेंगे। पहला सवाल है क्या अरविंद केजरीवाल जयप्रकाश नारायण की सम्पूर्ण क्रांति की अवधारणा को राजनीति में पुनर्स्थापित कर पाएंगे? इसका थोड़ा-बहुत जवाब अगले वर्ष मई-जून में होने वाले लोकसभा चुनाव से मिल सकेगा जब केजरीवाल की आम आदमी पार्टी मुम्बई, दिल्ली, एनसीआर और हरियाणा में जोर-आजमाईश करेगी। पूरा जवाब पाने के लिए हमें कुछ और लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों का इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि आप की राजनीतिक शक्ति का सही-सही आकलन तभी हो पाएगा लेकिन यदि दिल्ली राज्य विधानसभा के चुनावों को आधार मानकर कोई राय कायम करने की जरूरत महसूस होती हो तो यह निर्विवाद कहा जा सकता है कि आप ने देश में नई राजनीतिक क्रांति की आधारशिला रख दी है। दिल्ली चुनावों में चमत्कार की उ...